हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार ,रूस ने मांग की है कि अमेरिका यूरोप से अपने परमाणु हथियार वापस ले। रूस का कहना है कि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा मज़बूत होगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी परमाणु हथियारों को यूरोप से हटाने से इलाके में शांति बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि जिन यूरोपीय देशों के पास अपने परमाणु हथियार नहीं हैं (जैसे फ़िनलैंड), वहाँ अमेरिकी परमाणु हथियार रखना रूस की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
रूसी अधिकारी ने यह भी कहा कि अगर अमेरिका अपने हथियार वापस ले ले और बिना परमाणु हथियार वाले देश उन्हें रखने की इच्छा छोड़ दें, तो इससे क्षेत्र में स्थिरता आएगी।
इससे पहले रूस ने चेतावनी दी थी कि फ़्रांस का पूर्वी यूरोप तक अपनी "परमाणु छतरी" फैलाने का विचार परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाली संधि (NPT) को कमज़ोर कर सकता है।
रूस ने कहा कि यूरोप में परमाणु गतिविधियाँ बढ़ने से दूसरे देश भी ऐसे हथियार बनाने लग सकते हैं।
रूस ने यह भी कहा कि फ़्रांस-पोलैंड की संयुक्त परमाणु अभ्यास और फ़िनलैंड का परमाणु हथियार रखने की तैयारी, रूस और नाटो (NATO) के बीच हुए बुनियादी समझौतों के खिलाफ़ है।
खबर के मुताबिक़, अमेरिका के नाटो से अलग होने या यूरोप को कम सैन्य मदद देने की धमकी देने के बाद, फ़्रांस पूर्वी यूरोप और बाल्टिक देशों तक अपनी परमाणु छतरी फैलाना चाहता है।
रूस ने फ़्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन पर रूस के खिलाफ़ माहौल बनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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